एशिया का सबसे ठंडा स्थान | Coldest Place 2021

एशिया का सबसे ठंडा स्थान: दोस्तों अक्सर हम लोग सर्दी के मौसम में तापमान 17-18 पर आते ही ठंड से सिकुड़ने लगते हैं। पर क्या आपको पता है कि हमारे एशिया में एक ऐसा भी स्थान है जहाँ पर लोग -50° सेल्सियस में भी बहुत आराम से रहते हैं। यदि आप इसके बारे में नहीं जानते हैं कि एशिया का सबसे ठंडा स्थान कौनसा है तो इस पोस्ट को पूरा ज़रूर पढ़ें।

हम इसमें आपको बताएंगे कि एशिया के सबसे ठंडे स्थान पर लोग कैसे रहते हैं। दोस्तों एशिया के सबसे ठंडे स्थान के बारे में बताने से पहले हम आपको बता दें कि यहाँ पर हम दो स्थानों ठंडे स्थानों के बारे में बताने वाले हैं। यह दोनों स्थान रूस में स्थित हैं तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं।

 

एशिया का सबसे ठंडा स्थान

 

एशिया का सबसे ठंडा स्थान रूस देश में वेरखोयस्क (Verkhoyansk) शहर है, यह आर्कटिक में याना नदी पर स्थित एक शहर है। सर्दियों के मौसम में वेरखोयस्क का तापमान औसतन -30 से -40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। अंतिम बार इस स्थान पर सबसे कम तापमान -67.8 डिग्री सेल्सियस 7 फरवरी 1892 को दर्ज किया गया था।

इसके बाद रूस का ही एक और क्षेत्र है जो दूसरा एशिया का सबसे ठंडा स्थान है क्योंकि इसने वेरखोयस्क में दर्ज किए तापमान के रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। एशिया के इस दूसरे सबसे ठंडे स्थान का नाम ऑयमयकों (Oymyakon) है। यह रूस का एक ग्रामीण क्षेत्र है जिसमें 6 फरवरी 1933 को सबसे कम तापमान −67.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज कोय गया था जो लगभग वेरखोयस्क में दर्ज किए गए सबसे कम तापमान के करीब ही है।

 

एशिया का सबसे ठंडा स्थान Verkhoyansk & Oymyakon

 

वेरखोयस्क की बात करें तो यह रूस का एक शहरी क्षेत्र कहा जा सकता है, यह एक ऐसा इंसानी आबादी वाला क्षेत्र है जहाँ पर सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। इसके अलावा अन्य कई क्षेत्रों में भी इससे ज्यादा ठंड पड़ती है मगर वहाँ पर लोग नहीं रहते।

विकिपीडिया के अनुसार 2010 में वेरखोयस्क की कुल आबादी 1,311 थी। पिछले वक़्त में आबादी के क्रम को देखते हुए आंकलन लगाया जाए तो 2018 तक इसकी कुल आबादी लगभग 1,122 होगी।

ऑयमयकों की बात करें तो यह रूस का एक ग्रामीण क्षेत्र है जहाँ पर अंतिम बार सबसे कम तापमान लगभग वेरखोयस्क के जितना ही दर्ज किया गया था। इसलिए कुछ लोगों के द्वारा ऑयमयकों को एशिया का सबसे ठंडा स्थान माना जाता है। विकिपीडिया के अनुसार ऑयमयकों की कुल जनसंख्या 500-900 तक है।

 

एशिया के सबसे ठंडे स्थान पर लोग कैसे रहते हैं

 

जैसे कि आप जानते हैं भारत एक गर्म क्षेत्र है जहाँ ज्यादातर वक़्त में गर्मी ही रहती है और तीन-चार महीने के लिए सर्दी का मौसम आता है। ऐसे में आपका यह सोचना तो बनता है कि दुनियाँ के सबसे ठंडे स्थान पर लोग कैसे रहते होंगे तो इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि Oymyakon में लोगों का रहन सहन कैसा है।

सर्दियों में हमेशा बर्फ बारी होती रहती है जिसके कारण सड़कों और घरों के आसपास बर्फ की मोटी परत बन जाती है। ऐसे में अपने घरों को बर्फ से बचाने के लिए यह अपने घरों को जमीन से कुछ फुट की ऊँचाई पर बनाते हैं। लोग ज्यादातर वक़्त अपनी गाड़ियों को स्टार्ट ही रखते हैं क्योंकि यदि एक बार गाड़ी इतनी ठंड में जम गई तो फिर उसको सर्दियों के मौसम में ही चलाया जा सकता है। इसलिए यदि कोई मार्केट में जा रहा है तो वह अपनी गाड़ियों को स्टार्ट छोड़ कर ही शॉपिंग करने चले जाते हैं।

यहाँ लोगों के घर को गर्म रखने के लिए गर्म पानी की पाइपलाइन बिछाई गई है, जिस गर्म पानी से इनके घर में हीटर जैसे कुछ उपकरणों को चला कर गर्मी पैदा की जाती है। जहाँ आपको बाहर -40 डिग्री सेल्सियस में ठंड लगेगी तो वही यहाँ बने घर के अंदर जाने पर आपको गर्मी का एहसास होने लगेगा।

लोगों द्वारा यहाँ खाने को स्टोर करने के लिए फ्रिज का इस्तेमाल नहीं किया जाता क्योंकि यहाँ इतनी ठंड रहती है कि लोग अपने खाने को घर के बाहर की तरफ टांग देते हैं जिससे खाना फ्रेश रहता है।

यहाँ के लोग ठंड से बचने के लिए हमारे जैसे सर्दियों वाले कपड़े नहीं पहनते या फिर हमारी तरफ ठंड में दो-तीन लेयर नहीं पहनते। इनके कपड़े ऐसे ही बने होते हैं जिसमें एक जैकेट पहनने पर भी आप -30 डिग्री सेल्सियस में ठंड से बचे रह सकते हो।

 

Conclusion

 

दोस्तों यह था एशिया का सबसे ठंडा स्थान जहाँ पर यदि आप हवा में पानी उछालो तो नीचे बर्फ बनकर गिरेगा। आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। इसके अलावा यदि आप जानना चाहते हैं कि एशिया का सबसे गर्म स्थान कोनसा है तो यहाँ पर क्लिक कर जान सकते हो। 👇

एशिया का सबसे गर्म स्थान

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