Kedarnath Temple History In Hindi

Kedarnath Temple के बारे में तो आप सब लोग जानते होंगे, जो भारत में रहता है उसने केदारनाथ का नाम ना सुना हो ऐसा तो हो नहीं सकता लेकिन क्या आप इसके पीछे की कहानी और इसका इतिहास जानते हो यदि आप नहीं जानते थे अब तक तो अब जान जाओगे, केदारनाथ भगवान शिव का मंदिर है जहां भगवान शिव की पूजा होती है।

आज हम Kedarnath Temple के बारे में विस्तार से बात करेंगे कि यह मंदिर कैसे बना और इसके पीछे का इतिहास क्या है, मंदिर के बारे में पूरी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी तो आप यह पूरा जरूर पढ़ें।

 

Kedarnath Temple History In Hindi

 

     सदियों पहले जब कुरुक्षेत्र का युद्ध हुआ था पाँच पांडव ओर कौरब के बीच तब जीत पांडवों का हुआ था युद्ध जीतने के बाद कई सालों तक पाण्डवों ने अपने राज्य में शासन किया ओर बाद में उनको एहसास हुआ की हम इतने लोगों को मारा है पराए से लेकर अपने तक भले ही धर्म के लिए हम लड़े थे।

पर पाप तो हमे लगना ही है तो इस पाप को कैसे धुला जाए यही सोच के पांडव श्री कृष्ण के पास आये ओर अपनी बातें बताने लगे तो श्री कृष्णा ने कहा तुम जैसे भी हो तुम पाप किये हो ओर इस पाप को मिटाने के लिए आपको भगवान शिव से मिलना होगा इतना ही कह कर वो दुवारिका चले गए हमेशा के लिये।

 

 पांडव भगवान शिव के दर्शन के लिए निकले अपने साम्राज्य को त्याग कर पर शिव जहाँ रहते थे वहां नही थे, भगवान शिव यह जान कर छुप गए थे, फिर भगवान शिव को ढूंढते ढूंढते Kedarnath Temple पहुँचे फिर वहां भी शिव इनको देखते ही छुप गए पर जुधिरस्ती ने देख लिया था।

 उनका छुपना ओर वो समझ गया की हम इतना पाप किए है की भगवान शिव भी हुम को मुक्ति नही दिला सकते है यही सोचता रहा, इसी वक़्त एक संध(बुलक) ने पांडवों पर आक्रमण कर दिया यह देख के भीम को गुस्सा आ गया भीम का गुस्सा देख के सन्ध ने अपने सर् को सुरंग में छुपा दिया पर भीम ने सन्ध की पूंछ को पकड़ कर खिंचने लगे तब सन्ध की सर धड़ से अलग हो जाता है।

 

 ओर वही सर् शिवलिंग में बदल जाता है तब शिव वहाँ से  प्रकट होते है यह देख के पांडव खुश हो जाते है ओर अपने मन की बातें बताते है तब शिव पांडवों को स्वर्ग जाने का मार्ग बताते है, पांडवों ने वही शिव के लिंग को पूजा करते है ओर वो लोग स्वर्ग की ओर निकल जाते है।

 

केदारनाथ के मंदिर उन दिनों से शुरू हुआ ओर लोग भगवान शिव को केदारखंड के नाम में पूजा करने लगे, इसलिए लोग कहते है की जो इंसान केदारनाथ का दर्शन कर लिया तो वो स्वर्ग धाम में वास करना सुनिश्चित है।

 

Kedarnath Temple जानकारी | Genral Knowledge

 

  • केदारनाथ में भगवान शिव का केदारखंड के नाम से पूजा किया जाता है।

 

  • केदारनाथ का मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में है।

 

  • केदारनाथ के मंदिर मंदाकिनी रिवर के पास ओर हिमालय पर्वत के ऊपर है,

 

  • केदारनाथ को लोग स्वर्ग जाने का मार्ग कहते है,

 

  • केदारनाथ के मंदिर मॉडर्न हिस्ट्री के अनुसार 8वीं शताब्दी में बनाया गया था।

 

  • केदारनाथ के मंदिर 400 साल तक बरफ के नीचे दबा हुआ था ओर फिर अपने आप बरफ मंदिर की ऊपर से हट गयी और लोग फिर से पूजा करने लगे।

 

  • केदारनाथ के मंदिर अप्रैल से नवंबर के बीच ही खोला जाता है और बाकी समय बंद रहता है।

 

  • केदारनाथ मंदिर की ऊँचाई 85 फिट,और चौड़ाई 80 फीट है,

 

  • केदारनाथ मंदिर को आदि शंकराचार्य ने बनवाया था,

 

  • केदारनाथ मंदिर बड़े बड़े पत्थरों से बनाया गया है,

 

  • केदारनाथ मंदिर जाने के लिए आपको कई हजार सीढ़ियाँ चढ़ना पड़ता है,

 

  • केदारनाथ मंदिर को लेकर एक फील बनाया गया है आप चाहो तो देख सकते हो।

 

  • केदारनाथ मंदिर में हर वक़्त सर्दी का मौसम ही चलता है,

 

Last Words

 

हम उम्मीद करते हैं की आपको Kedarnath Temple के बारे में सब पता चल गया होगा, केदारनाथ की यह जानकारी और इसका इतिहास आपको कैसा लगा हमें कमेंन्ट करके ज़रूर बताएं यदि आप ऐसे किसी शख्स को जानते हो जो केदारनाथ के बारे में विस्तार से नहीं जानता ओर जानने की इच्छा रखता  है तो यह जानकारी आप उसके साथ जरूर शेेेयर करें। धन्यवाद 🙏

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